रिपोर्ट- सतीश कुमार सोनी तहसील ब्युरो कर्वी चित्रकूट
चित्रकूट। कर्वी सदर कोतवाली में तैनात प्रभारी निरीक्षक पर ओवरलोड ट्रकों को छोड़ने के एवज में 90 हजार रुपये लेने का गंभीर आरोप सामने आया है। मामले ने उस समय तूल पकड़ लिया जब ऑनलाइन भुगतान का QR कोड और ट्रांजैक्शन का स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वायरल साक्ष्यों के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया और तत्काल प्रभाव से कोतवाली प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया गया।

बताया जा रहा है कि दो ओवरलोड ट्रकों को कार्रवाई से बचाने के लिए कथित रूप से ऑनलाइन भुगतान लिया गया। जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, विभागीय अधिकारियों ने संज्ञान लेते हुए कार्रवाई की, लेकिन कई अहम सवाल अब भी अनुत्तरित हैं।
सबसे बड़ा सवाल उस कथित ‘कारखास’ को लेकर खड़ा हो रहा है, जिसका नाम पूरे प्रकरण में सामने आ रहा है। आखिर अब तक उस पर कोई कार्रवाई क्यों नहीं की गई? क्या जांच केवल एक अधिकारी तक सीमित रखी जा रही है, या फिर पूरे मामले को दबाने की कोशिश हो रही है?
स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि अगर भ्रष्टाचार में एक से अधिक लोग शामिल हैं तो कार्रवाई भी सभी पर समान रूप से होनी चाहिए।
अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या पुलिस विभाग निष्पक्ष जांच कर पूरे नेटवर्क का खुलासा करेगा या फिर मामला एक अधिकारी पर कार्रवाई कर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा। जनता जवाब चाहती है।
